"ज़मीर"
रूहनापाकमिरीक़ल्बभीनापाकमिरा
नफ़्स-ए-अम्माराबहुतहोगयाबेबाकमिरा
बोझमेंअपनेहीमाज़ीकेदबाजाताहूँ
अपनीहीआगमेंअबख़ुदहीजलाजाताहूँ
किसतरफ़जाऊँकहाँधोऊँमैंअपनादामन
मेरेमक़्तूलमिरेसाथहैंबे-ग़ुस्ल-ओ-कफ़्न
देखताहूँशब-ए-तारीकमेंजबमैंतारे
नोक-ए-नेज़ापेनज़रआतेहैंकितनेबच्चे
आजतकयादहैंमुझकोवोनिगाहेंमासूम
इनहीहाथोंनेजिन्हेंकरदियाबढ़करमादूम
छातियाँमाओंकीहँसहँसकेहैंमैंनेकाटीं
हड्डियोंसेमिरीतलवारनेसड़केंपाटीं
अपनीहरज़र्बकाअबख़ुदहीनिशानाहूँमैं
जुर्मउनवानहोजिसकावोफ़सानाहूँमैं
मैंनेइस्मतकेसनमख़ानोंकोमिस्मारकिया
अपनीबहनोंकोसुपुर्द-ए-सर-ए-बाज़ारकिया
कितनेमह-पारेहुएख़ुदमिरीज़ुल्मतकाशिकार
कौनकरसकताहैअबमेरेगुनाहोंकाशुमार
चौंकचौंकउठताहूँरातोंकोमैंअक्सरअबभी
चीख़ेंरहरहकेमिरेकानोंमेंआतीहैंवही
अपनेकिरदारकोअबकैसेभुलाऊँऐदोस्त
अपनीहीलाशकोअबकैसेउठाऊँऐदोस्त
खाएजाताहैमुझेअबमिरेमाज़ीकाख़याल
क्यामिरेजुर्मकीपादाशहैइसदर्जामुहाल