khet pyaase hain | खेत प्यासे हैं

  - Wali Alam Shaheen
खेतप्यासेहैं
फ़ज़ाहाँफतीहै
जा-ब-जाउखड़ीजड़ेंचाटतीइकगाए
केसूखेहुएमटियालेखुरोंकीमानिंद
फटगईहैजोज़मीं
उसमेंउगीझाड़ियाँ
बे-बर्ग-ओ-समररहतीहैं
मौसमहोकोई
किसीफ़ालिज-ज़दाबीमारकेअकड़ेहुएपंजेकीतरह
टहनियाँसोएफ़लकदेखतीफ़रियाद-कुनाँहैंकबसे
महज़फ़रियादसेदोस्तमगरक्याहोगा
जोड़तारहताहैमौसमकीविरासतसेदिलोंको
जोकिसीमेज़-नुमाशययेकईदिनसेपड़ा
चाए-ख़ानेकाफटासाअख़बार
इकनज़रआओइसेदेखतोलें
हालऐसाहैकिअबजोभीहोअच्छाहोगा
  - Wali Alam Shaheen
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