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Wajid Husain Sahil
maktab-e-ishq men daakhil ho adab se saahil
maktab-e-ishq men daakhil ho adab se saahil | मकतब-ए-इश्क़ में दाख़िल हो अदब से 'साहिल'
- Wajid Husain Sahil
मकतब-ए-इश्क़
में
दाख़िल
हो
अदब
से
'साहिल'
क़ैस-ओ-फ़रहाद
भी
इस
दर
पे
खड़े
मिलते
हैं
- Wajid Husain Sahil
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एक
मुद्दत
से
मिरी
माँ
नहीं
सोई
'ताबिश'
मैं
ने
इक
बार
कहा
था
मुझे
डर
लगता
है
Abbas Tabish
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मैं
कैसे
मान
लूँ
कि
इश्क़
बस
इक
बार
होता
है
तुझे
जितनी
दफ़ा
देखूँ
मुझे
हर
बार
होता
है
तुझे
पाने
की
हसरत
और
डर
ना-कामियाबी
का
इन्हीं
दो
तीन
बातों
से
ये
दिल
दो
चार
होता
है
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Bhaskar Shukla
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दर-ब-दर
ढूँढ़
रहे
हैं
जिसे
अरसे
से
हम
शख़्स
वो
मेरी
ही
आँखों
में
छिपा
बैठा
है
Harsh saxena
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नई
सुब्ह
पर
नज़र
है
मगर
आह
ये
भी
डर
है
ये
सहर
भी
रफ़्ता
रफ़्ता
कहीं
शाम
तक
न
पहुँचे
Shakeel Badayuni
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हम
किसी
दर
पे
न
ठिटके
न
कहीं
दस्तक
दी
सैकड़ों
दर
थे
मिरी
जाँ
तिरे
दर
से
पहले
Ibn E Insha
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रातें
किसी
याद
में
कटती
हैं
और
दिन
दफ़्तर
खा
जाता
है
दिल
जीने
पर
माएल
होता
है
तो
मौत
का
डर
खा
जाता
है
सच
पूछो
तो
'तहज़ीब
हाफ़ी'
मैं
ऐसे
दोस्त
से
आज़िज़
हूँ
मिलता
है
तो
बात
नहीं
करता
और
फोन
पे
सर
खा
जाता
है
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Tehzeeb Hafi
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फ़ुर्सत
नहीं
मुझे
कि
करूँँ
इश्क़
फिर
से
अब
माज़ी
की
चोटों
से
अभी
उभरा
नहीं
हूँ
मैं
डर
है
कहीं
ये
ऐब
उसे
रुस्वा
कर
न
दे
सो
ग़म
में
भी
शराब
को
छूता
नहीं
हूँ
मैं
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Harsh saxena
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पहले
सौ
बार
इधर
और
उधर
देखा
है
तब
कहीं
डर
के
तुम्हें
एक
नज़र
देखा
है
Majrooh Sultanpuri
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हर
इक
सू
हैं
दर-ओ-दीवार
लेकिन
मुयस्सर
है
नहीं
घर-बार
लेकिन
Umrez Ali Haider
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शग़्ल
था
दश्त-नवर्दी
का
कभी
ऐ
'ताबाँ'
अब
गुलिस्ताँ
में
भी
जाते
हुए
डर
लगता
है
Anwar Taban
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इक
तेरा
नाम
याद
रखते
हैं
बाकी
हर
काम
भूल
जाते
हैं
Wajid Husain Sahil
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उसने
माँगा
नहीं
कुछ
और
जुदाई
के
सिवा
लेकिन
अब
उसको
मैं
इनकार
नहीं
कर
सकता
Wajid Husain Sahil
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ये
हालत
प्यार
ने
'साहिल'
बना
दी
कि
हम
पागल
नहीं
थे
हो
गए
हैं
Wajid Husain Sahil
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बयान
हो
न
सके
कर्ब
जब
ज़बानों
से
ग़ज़ल
के
शे'र
उतरते
है
आसमानों
से
Wajid Husain Sahil
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है
अजब
बात
सभी
शोर
मचा
कर
खु़श
हैं
भेद
उल्फ़त
का
ज़माने
को
बता
कर
खु़श
हैं
इश्क़
सरगम
है
जो
धड़कन
की
धुनों
पर
बाजे
सुर
को
समझे
ही
नहीं
ढोल
बजा
कर
खु़श
हैं
प्यार
करने
को
तो
इक
उम्र
भी
कम
है
'साहिल'
लोग
इक
रोज़
फ़क़त
जश्न
मना
कर
खु़श
हैं
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Wajid Husain Sahil
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