haaye taqdeer ki main aan phansa pinjare men | हाए तक़दीर कि मैं आन फँसा पिंजरे में

  - Wajahat Husain Wajahat
हाएतक़दीरकिमैंआनफँसापिंजरेमें
अबनहींख़ाकभीजीनेकामज़ापिंजरेमें
छुटगएक़ैदमेंमुझसेमिरेबीवीबच्चे
कोईसाथीहैग़म-ख़्वारमिरापिंजरेमें
घरकीदीवारेंभीअफ़्सोसहैंऊँचीऊँची
कभीआतीनहींजंगलकीहवापिंजरेमें
ताज़ेताज़ेहैंकहाँआजवोफलबाग़ोंके
मिलतीहैसूखीसड़ीमुझकोग़िज़ापिंजरेमें
कोईअमरूदनहींआमनहींबेरनहीं
कभीकेलाभीखानेकोमिलापिंजरेमें
हाएइसशाख़सेउसशाख़पेउड़करजाना
यादआताहैवोउड़नेकामज़ापिंजरेमें
तीलियोंसेमिरासरफूटताहैवाएनसीब
चोटलगतीहैजोउड़ताहूँज़रापिंजरेमें
अबतोसबभूलगयाबैठकेटेंटेंकरना
चुपपड़ारहताहूँमैंबुतसाबनापिंजरेमें
कहतेहैंछोटेबड़ेघरकेमियाँमिठ्ठूसब
वाहयेख़ूबलक़बमुझकोमिलापिंजरेमें
मैंसमझताहूँजोमतलबहैमियाँमिठ्ठूका
बावलाजानतीहैख़ल्क़-ए-ख़ुदापिंजरेमें
इसीहालतमेंगुज़रजाएँगेबाक़ीदिनभी
इकदिनजाएगीबसमेरीक़ज़ापिंजरेमें
रहमकररहमकरअल्लाहमिरेहालपेतू
मिलचुकीअबतोमुझेख़ूबसज़ापिंजरेमें
तेरीक़ुदरतहैबड़ीजल्दछुड़ादेमुझको
दममिराजीनेसेरहताहैख़फ़ापिंजरेमें
  - Wajahat Husain Wajahat
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