nakhwat-e-husn pasand aayi hai deewane ko | नख़वत-ए-हुस्न पसंद आई है दीवाने को

  - Waheed Allahabadi
नख़वत-ए-हुस्नपसंदआईहैदीवानेको
सर-कशीशम्अ'कीमंज़ूरहैपरवानेको
देखिएकौनसीजायारकामिलताहैपता
कोईका'बेकोचलाहैकोईबुत-ख़ानेको
तेरीफ़ुर्क़तमेंतसव्वुरहैयेबेदर्दीका
ख़्वाबहमजानतेहैंनींदकेजानेको
कामजातीहैहम-बज़्मीभीरौशनदिलकी
शम्अ'हम-रंगबनालेतीहैपरवानेको
गुलपेबुलबुलथाकहींशम्अ'पेपरवानाथा
हमनेहररंगमेंदेखातिरेदीवानेको
वा-शुद-ए-दिलहुईग़ुंचा-ए-ख़ातिरखिला
कौनसेबाग़मेंआएथेहवाखानेको
मैंनेजबवादी-ए-ग़ुर्बतमेंक़दमरक्खाथा
दूरतकयाद-ए-वतनआईथीसमझानेको
  - Waheed Allahabadi
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