shiddat-e-dard men ehsaas ka kirdaar miyaan | शिद्दत-ए-दर्द में एहसास का किरदार मियाँ

  - Vishal Khullar
शिद्दत-ए-दर्दमेंएहसासकाकिरदारमियाँ
अपनेहोनेमेंकहाँख़ुदकाहैइज़हारमियाँ
हमभीखोडालरहेहैंकिबदलजाएँज़रा
अक़्ल-ए-बेबसकीसुनेदिलनहींतय्यारमियाँ
ढूँडकुछलोगमुक़ाबिलहूँजहाँमैंतेरे
शहर-ए-नाक़िसमेंकहाँहमसेहैंग़म-ख़्वारमियाँ
गुनगुनाबज़्म-ए-जहाँशहदशकरशहदशकर
बातरखतेहैंलबोंपरकिहैंऔज़ारमियाँ
झूटकोझूटकहूँसचकोकहूँसचलेकिन
उलझतीहैमिरेसरकोईतलवारमियाँ
आँखखोलूँतोनज़रआएँअँधेरेक्यूँँकर
सबउजालेहैंमिरीनींदकेबीमारमियाँ
  - Vishal Khullar
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