guftagoo karte raho taqreer ko peeche rakho | गुफ़्तगू करते रहो तक़रीर को पीछे रखो

  - Vineet Jain
गुफ़्तगूकरतेरहोतक़रीरकोपीछेरखो
ख़्वाबदेखोख़्वाबकीता'बीरकोपीछेरखो
तितलियोंकोजुगनुओंकोबुलबुलोंकोबागको
खुशबुएँबाँटाकरोशमशीरकोपीछेरखो
क़ैदकरलोगेमगरयूँँक़ैदहमहोंगेनहीं
क़ैदकरनेआओतोज़ंजीरकोपीछेरखो
चूकजाएयानिशानेपरलगेजोहोमगर
तीरकोआगेकरोतक़दीरकोपीछेरखो
इश्क़हैआसाँबहुतयेआगकादरियानहीं
इश्क़करतेजाओहरतदबीरकोपीछेरखो
ज़ातमज़हबसरहदेंहैंनफ़रतेंहैंज़ुल्महैं
हैयहीजागीरतोजागीरकोपीछेरखो
जंगसेबेज़ारहूँमैंयारदुनियाप्यारदो
मीरकोलाओव्लादिमीरकोपीछेरखो
  - Vineet Jain
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