jurm ye hai ki kabhi sach na bataa paayenge | जुर्म ये है कि कभी सच न बता पाएँगे

  - Vibha Jain 'Khwaab'
जुर्मयेहैकिकभीसचबतापाएँगे
औरसज़ायेकिग़लतमानलिएजाएँगे
फिरवहीरातवहीचाँदवहीतुमवहीमैं
क्याकिसीछतकेमुक़द्दरमेंलिखेजाएँगे
हिज्रकेमारोंसेकुछऔरतोहोनेसेरहा
फिरउदासीकाकोईगीतनयागाएँगे
कबतलकतुमभीउठापाओगेयेबार-ए-वफ़ा
कबतलकहमभीसदाक़तसेनिभापाएँगे
ऊबजाएगाफिरइकरोज़येदिलदुनियासे
औरहमफिरतेरीबाहोंमेंचलेआएँगे
  - Vibha Jain 'Khwaab'
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