
- Vinod Ganeshpure
- Subah se sham ho rang me
सुब्ह से शाम हो रंग में
- Vinod Ganeshpure
सुब्हसेशामहोरंगमें
झूमतादिलरहेभंगमें
यारहोसाथमेंऔरक्या
ढोलहुड़दंगहोब्यंगमें
ज़ख़्महरबहगयादिलखिला
खोगएखेलतेरंगमें
प्यारकीइकचलेयूँँहवा
ज़िंदगीग़मख़ुशीजंगमें
दर्दकागीतगाओहॅंसो
मौजहासिलकरोढंगमें
- Vinod Ganeshpure