hijr raaton ko bhi rulaata hai | हिज्र रातों को भी रुलाता है

  - Vaseem 'Haidar'
हिज्ररातोंकोभीरुलाताहै
इकमुझेछोड़करवोजाताहै
इश्क़करनाहमींसेसीखाहै
वोमोहब्बतकहाँलुटाताहै
रातभरघूमतेथेहमदोनों
अबकिसीऔरकोघुमाताहै
मैंतुम्हाराहूँसिर्फ़कहतावो
झूठीसारीक़समभीखाताहै
मैंनेउसकोभुलादियाकबका
वोसितमगरख़ुशीमनाताहै
इश्क़ऐसेनहींयूँँहोतातो
इश्क़करनामुझेबताताहै
इश्क़इज़हारकरकेउसनेफिर
अबतोमेरावोदिलदुखाताहै
इश्क़करकेहुईहैफिरग़लती
अबतोवोमुझपेज़ुल्मढाताहै
तुमतोतौबाव'सीम'करलोअब
आँखसेअपनीकबपिलाताहै
  - Vaseem 'Haidar'
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