kis dhun men rahtii ho tum | किस धुन में रहती हो तुम

  - Varsha Gorchhia
किसधुनमेंरहतीहोतुम
उलझेहुएबालोंकीगिर्हें
तुमसेनहींसुलझतीक्या
लाओइन्हेंमैंसुलझादूँ
ऊनकेउलझेगुच्छोंसे
येबालतुम्हारे
सुलझेतोरेशमहोजाएँ
औरबालोंकोसुलझानेकेबहाने
जीवनकीउलझनसुलझाऊँ
घनेबनोंमेंशंखबजाऊँ
औरतितलीबनकरउड़जाऊँ
शाख़ोंकोमैंरक़्सदिखाऊँ
एककाग़ज़कीनावबनाऊँ
तुझकोदूरबहालेजाऊँ
औरतेरेदुखकीवर्षामें
अंतर्मनतकभीगतीजाऊँ
अजनबीसीलड़की
मैंतेरीबचपनकीसीसहेलीहोजाऊँ
  - Varsha Gorchhia
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