laakh naadaan hain magar itni saza bhi na mile | लाख नादाँ हैं मगर इतनी सज़ा भी न मिले

  - Varis Kirmani
लाखनादाँहैंमगरइतनीसज़ाभीमिले
चारासाज़ोंकोमिरीशाम-ए-बलाभीमिले
हसरत-आगींतोहैनाकामी-ए-मंज़िललेकिन
लुत्फ़तोजबहैकिख़ुदअपनापताभीमिले
कुछनिगाहोंसेग़म-ए-दिलकीख़बरमिलतीहै
वर्नाहमवोहैंकिबातोंसेहवाभीमिले
ख़्वाहिश-ए-दाद-रसीक्याहोसितम-गरसेजहाँ
आँखमेंशाइबा-ए-उज़्र-ए-जफ़ाभीमिले
इसक़दरक़हत-ए-बसीरतभीनहींवाइ'ज़
हमबुतोंकेलिएनिकलेंतोख़ुदाभीमिले
इश्क़वोअर्सा-ए-पुर-ख़ारहैहमदमकिजहाँ
ज़िंदगीरासआएतोक़ज़ाभीमिले
क्याक़यामतहैतबीअ'तकीरवानी'वारिस'
कोईढूँढेतोनिशान-ए-कफ़-ए-पाभीमिले
  - Varis Kirmani
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