हूँ ख़ुद में मस्त, दुनिया से बेगाना हूँ, दिवाना हूँ

  - vivek sahu
हूँख़ुदमेंमस्त,दुनियासेबेगानाहूँ,दिवानाहूँ
सभीतन्हाइयोंकामैंठिकानाहूँ,दिवानाहूँ
समझसकताहूँक्यूँदो-चारघंटेतकचलीबातें⁣
मैंराह-ए-इश्क़मेंकाफीपुरानाहूँ,दिवानाहूँ
इधरमैंहूँउसेहीजानताहूँशहरभरमेंऔर
उधरउसकेलिएमैंबसफलानाहूँ,दिवानाहूँ
मुयस्सरहूँअभी,सोतुम,नहींकरतेकदरमेरी
अगरगुमहोगयातो,यादआनाहूँ,दिवानाहूँ
तुम्हारेबिनकहानीहीअधूरीहैमेरीजाना
तुम्हारेबिनअधूराहीफ़सानाहूँ,दिवानाहूँ
सफ़रजबख़त्महोजाएतो,आलगनागलेमेरे
नदीहोतुमतुम्हारामैंमुहानाहूँ,दिवानाहूँ
कहाकितनीदफातुमसेे,मिरीजाना,तुम्हाराही⁣
दिवानाहूँ,दिवानाहूँ,दिवानाहूँ,दिवानाहूँ
  - vivek sahu
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