mausam koi sa bhi ho | मौसम कोई सा भी हो

  - Uzma Syed
मौसमकोईसाभीहो
बहुतज़र्ददोपहरोंवाला
बहुतकालाभीगेअँधेरोंवाला
हवाएँजबभीचलतीहैं
यादोंकीगर्दउड़ातीहैं
लम्हेउड़कर
वक़्तकोवापसलातीहैं
सनसनातीआहभरती
वीरानोंमें
इधरसेउधर
मंडलातीहैं
यादेंगुनगुनातीहैं
औरजबबारिशआतीहैं
दुखभीभीगजातेहैं
ज़ख़्मताज़ाहोतेहैं
भीगेदुखतकलीफ़देतेहैं
ज़ख़्मरिसतेरहतेहैं
हवाएँजबभीचलतीहैं
  - Uzma Syed
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