ख़ुद-परस्तीकानशामुझकोचढ़ाहैआज-कल
शौक़तुझसाहोनेकामुझकोहुआहैआज-कल
कलतलकथाजोवफ़ाकीसल्तनतकापेशवा
शोरउसकीबे-वफ़ाईकाबपाहैआज-कल
बाग़बाँतूकुछसवालोंकीइजाज़तदेमुझे
किसकीग़फ़लतसेचमनउजड़ापड़ाहैआज-कल
दबगईहैरू-ब-रूक़ाज़ीकीचीख़ोंकीसदा
रहज़नोंकोमुंसिफ़ोंकाआसराहैआज-कल
अक्सतेराएकपलभीआँखसेओझलनहो
देखमेरेइश्क़कीयेइंतिहाहैआज-कल
घरबनालोतुम'उरूसा'औरकिसीदुनियामेंअब
दहरमेंजीनेकामतलबहादिसाहैआज-कल