jab zulf shareer ho gaii hai | जब ज़ुल्फ़ शरीर हो गई है

  - Unwan Chishti
जबज़ुल्फ़शरीरहोगईहै
ख़ुदअपनीअसीरहोगईहै
जन्नतकेमुक़ाबलेमेंदुनिया
आपअपनीनज़ीरहोगईहै
जोबाततिरीज़बाँसेनिकली
पत्थरकीलकीरहोगईहै
होंटोंपेतिरेहँसीमचलकर
जल्वोंकीलकीरहोगईहै
जोआहमिरीज़बाँसेनिकली
अर्जुनकावोतीरहोगईहै
शायदकोईबे-नज़ीरबनजाए
वोबदर-ए-मुनीरहोगईहै
बाद-ए-सबातूछूकेगेसू
ख़ुशबूकीसफ़ीरहोगईहै
आवाज़-ए-शिकस्त-ए-दिलही'उनवाँ'
आवाज़-ए-ज़मीरहोगईहै
  - Unwan Chishti
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