man men sapne agar nahin hote | मन में सपने अगर नहीं होते

  - Uday Bhanu Hans
मनमेंसपनेअगरनहींहोते
हमकभीचाँदपरनहींहोते
सिर्फ़जंगलमेंढूँढतेक्यूँँहो
भेड़िएअबकिधरनहींहोते
कबकीदुनियामसानबनजाती
इसमेंशाइ'रअगरनहींहोते
किसतरहवोख़ुदाकोपाएँगे
ख़ुदसेजोबे-ख़बरनहींहोते
पूछतेहोपताठिकानाक्या
हमफ़क़ीरोंकेघरनहींहोते
  - Uday Bhanu Hans
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