नराजानकोईफ़क़ीरहूँ
मैंरंज-ओ-अलमकीलकीरहूँ
जोअपनीनज़रमेंकबीरहूँ
सोउसकीनज़रमेंहक़ीरहूँ
जोदिलमेंलगाकोईतीरहूँ
ग़मे-दिलमेंदर्द-ए-कसीरहूँ
मुझेदिलकीनज़रोंसेदेखना
बहुतकुछदिखेगा,ज़मीरहूँ
यहाँअपनीमर्ज़ीचलाहूँकब
सोमरताक़फ़समेंअसीरहूँ
येमानोनमानोयहीहैसच
मैंअपनेज़मानेकामीरहूँ
किसीकोमैंक्यादूँजहानमें
यहाँमैंतोख़ुदबे-नज़ीरहूँ
छुपेगानमंज़र-निगारतू
यहाँमैंभीमंज़र-पज़ीरहूँ
जहाँतुमतमाशादिखातेहो
वहाँकातोमैंहीमुदीरहूँ
कोईआलड़ेजोकभीतोफिर
मैंहरआनतरकश-ओ-तीरहूँ
कभीभीतुम्हेंकरदूँमैंयेफ़ाश
सुनोमैंभीहंगामा-गीरहूँ
सलाम-ओ-दुआबादहैक़ज़ा
कि"हैदर"मैंअबवक़्त-अख़ीरहूँ