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Trinetra Dubey
phone aadhi raat ko maine kiya vo vyast thii
phone aadhi raat ko maine kiya vo vyast thii | फ़ोन आधी रात को मैंने किया वो व्यस्त थी
- Trinetra Dubey
फ़ोन
आधी
रात
को
मैंने
किया
वो
व्यस्त
थी
सोच
मैंने
भी
लिया
जो
आप
सोचे
थे
कभी
- Trinetra Dubey
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शायद
किसी
बला
का
था
साया
दरख़्त
पर
चिड़ियों
ने
रात
शोर
मचाया
दरख़्त
पर
Abbas Tabish
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आधी
रात
की
चुप
में
किस
की
चाप
उभरती
है
छत
पे
कौन
आता
है
सीढ़ियाँ
नहीं
खुलतीं
Parveen Shakir
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तेरी
आँखों
के
लिए
इतनी
सज़ा
काफ़ी
है
आज
की
रात
मुझे
ख़्वाब
में
रोता
हुआ
देख
Abhishek shukla
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क्या
बैठ
जाएँ
आन
के
नज़दीक
आप
के
बस
रात
काटनी
है
हमें
आग
ताप
के
कहिए
तो
आप
को
भी
पहन
कर
मैं
देख
लूँ
मा'शूक़
यूँँ
तो
हैं
ही
नहीं
मेरी
नाप
के
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Farhat Ehsaas
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उस
के
ख़त
रात
भर
यूँँ
पढ़ता
हूँ
जैसे
कल
इम्तिहान
हो
मेरा
Zubair Ali Tabish
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अभी
हमको
मुनासिब
आप
होते
से
नहीं
लगते
ब–चश्म–ए–तर
मुख़ातिब
हैं
प
रोते
से
नहीं
लगते
वही
दर्या
बहुत
गहरा
वही
तैराक
हम
अच्छे
हुआ
है
दफ़्न
मोती
अब
कि
गोते
से
नहीं
लगते
ये
आई
रात
आँखों
को
चलो
खूँ–खूँ
किया
जाए
बदन
ये
सो
भी
जाए
आँख
सोते
से
नहीं
लगते
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Dhiraj Singh 'Tahammul'
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रात
के
जिस्म
में
जब
पहला
पियाला
उतरा
दूर
दरिया
में
मेरे
चाँद
का
हाला
उतरा
Kumar Vishwas
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अजीब
सानेहा
मुझ
पर
गुज़र
गया
यारो
मैं
अपने
साए
से
कल
रात
डर
गया
यारो
Shahryar
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ईद
के
रोज़
यही
अपनी
दु'आ
है
रब
से
मुल्क
में
अमन
का,
उलफ़त
का
बसेरा
हो
जाए
हर
परेशानी
से
हर
शख़्स
को
मिल
जाए
नजात
इस
सियह
रात
का
बस
जल्द
सवेरा
हो
जाए
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Zaki Azmi
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मेहरबाँ
हम
पे
हर
इक
रात
हुआ
करती
थी
आँख
लगते
ही
मुलाक़ात
हुआ
करती
थी
हिज्र
की
रात
है
और
आँख
में
आँसू
भी
नहीं
ऐसे
मौसम
में
तो
बरसात
हुआ
करती
थी
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Ismail Raaz
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मेरा
दिल
न
जाने
किधर
बढ़
गया
है
तुम्हें
जबसे
देखा
नशा
चढ़
गया
है
Trinetra Dubey
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उदास
है
ये
मन
मेरा
तू
दूर
है
कहाँ
बता
तुझे
मैं
खोजता
हुआ
भटक
रहा
यहाँ
वहाँ
Trinetra Dubey
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छोड़
जाओ
मुझे
आइना
देख
लो
ख़ूब-सूरत
नहीं
एक
ग़द्दार
हो
Trinetra Dubey
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एक
यार
से
यारी
और
दुश्मनी
भी
है
सो
कभी
कभी
दुश्मन
ला-जवाब
होते
हैं
Trinetra Dubey
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निकल
ही
रही
ईंट
घर
से
मिरे
अब
जहाँ
बन
रहा
है
महल
कुछ
दिनों
से
Trinetra Dubey
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