jab kabhi aaftaab dhalt hai | जब कभी आफ़ताब ढलता है

  - Toyesh prakash
जबकभीआफ़ताबढलताहै
दिलमिरातुझसेेमिलनेचलताहै
तूनेपूछातोसोचताहूँमैं
ख़्वाबतेराहीख़्वाबपलताहै
झूठहैयेतूदूरहैमुझसेे
तूमिरेसाथसाथचलताहै
तूजोरोयातोमैंभीरोयाहूँ
दिलसदादिलसेहीपिघलताहै
जीनेचाहाहैदेखनाहैतुझे
जीकहाँटालनेसेटलताहै
उसनेबोलातूजबभीग़ुस्साहो
मेरादिलइसतरहभीजलताहै
उसकोहीदेखकरलगामुझको
चाँददिनमेंभीतोनिकलताहै
सोचताहैनईग़ज़लअपनी
शाम'तोयेश'जबटहलताहै
  - Toyesh prakash
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