dil ke zaKHmon ko phir ik baar badhaana hai mujhe | दिल के ज़ख़्मों को फिर इक बार बढ़ाना है मुझे

  - Haider Khan
दिलकेज़ख़्मोंकोफिरइकबारबढ़ानाहैमुझे
फिरसेउसकूचेसेहोतेहुएजानाहैमुझे
अपनेलहजेकोकभीगूंजतेसन्नाटोंमेंसुन
येज़हरतुझकोतिरेहाथोंपिलानाहैमुझे
इसलिएझाँकतारहताहूँतिरीआँखोंमें
तेरीआँखोंकाहरइकअश़्कचुरानाहैमुझे
जिससेनज़रेंमिलींऔरकभीबातहुई
ऐसेइकशख़्ससेइसदिलकोमिलानाहैमुझे
सोचताहूँकितिरेनामपेअबख़तलिखूँ
फ़ाएदाक्याजोइसेलिखकेजलानाहैमुझे
वोयेकहताहैख़ुदाहैतोदिखाईभीतोदे
उसकेदिलपरजोयेपर्दाहैउठानाहैमुझे
मैंनहींचाहतामुझसेहोकभीइश्क़उसे
उसकोबर्बादहोजानेसेबचानाहैमुझे
वाइ'ज़ोंतुमकोमुबारकहोंयेजन्नतकेमहल
मांकाआँचलहीमेरेसरपेख़ज़ानाहैमुझे
  - Haider Khan
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