bichhad ke tujh se meraa dil faqat safar men raha | बिछड़ के तुझ से मेरा दिल फ़क़त सफ़र में रहा

  - Haider Khan
बिछड़केतुझसेमेरादिलफ़क़तसफ़रमेंरहा
हरएकदिलमेंलगायूँँपराएघरमेंरहा
नज़रसेदूरसहीआह-ए-बे-असरमेंरहा
जहाँकहींभीगयावोमेरीख़बरमेंरहा
नएनएसेनज़ारेबहुतमिलेलेकिन
तेरीजुदाईकामंज़रमेरीनज़रमेंरहा
उसीनेजानबचाईथीजिसनेजाँलीहै
तेरीनज़रकावहीतीरजोजिगरमेंरहा
जहाँकहींभीवफ़ाकाकभीहुआहैज़िक्र
तेराहीनाममेरेअश्क-ए-चश्म-ए-तरमेंरहा
  - Haider Khan
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy