ajab sitam hai ki zakham dekar mujhe vo mujhse ye bolta hai | अजब सितम है कि ज़ख़्म देकर मुझे वो मुझ सेे ये बोलता है

  - Haider Khan
अजबसितमहैकिज़ख़्मदेकरमुझेवोमुझसेेयेबोलताहै
येकिसतरहकेनिशानहैंतुमनेहालअपनायेक्याकियाहै
कोईतोग़महैजोएकअर्सेसेचाँदकोभीसतारहाहै
वगर्नायूँँबेवजहभलारातभरयहाँकौनजागताहै
कोईतोथाजोनिकलकेमुझसेतेरीतरफ़शौक़सेबढ़ाथा
कोईख़बरहैकिकौनथावोजोएकमुद्दतसेलापताहै
तुम्हारेजानेकेबादअबकुछनिज़ामऐसाहैइसजहाँका
केरुतबदलतीहैफूलखिलतेहैंपरहरइकरंगउड़चुकाहै
  - Haider Khan
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