utaare uske chehre se jo saare hi naqaabon ko | उतारे उसके चेहरे से जो सारे ही नक़ाबों को

  - Ananth Faani
उतारेउसकेचेहरेसेजोसारेहीनक़ाबोंको
रखाकरताहूँदूरऐसेसवालोंऔरजवाबोंको
गुलाबोंसेलबोंकोतोलनाहरगिज़नहींजाइज़
मु'आफ़ीमीरजीतौलेंगेहमलबसेगुलाबोंको
सुनाहैयेसिमटनाफैलनासारातसलसुलहै
समझनाक्याअलगफिरजुगनुओंसेआफ़ताबोंको
ज़हानतवस्लउदासीज़िंदगीईमाँसुख़न-कारी
शराबीलोगक्याक्यानामदेतेहैंशराबोंको
ग़ज़लकीशाह-रहपेचलपड़ीहैंगाड़ियाँकितनी
मिलेगाख़ूबधंधासबकिनारेवालेढाबोंको
बदनकेखेलमेंतोतयथीअपनीहार'फ़ानीजी'
बनायाइसलिएमैदानहमनेफिरकिताबोंको
  - Ananth Faani
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