saal dobara badla hai | साल दोबारा बदला है

  - Ananth Faani
सालदोबाराबदलाहै
नईग़ज़लकामतलाहै
लिखताहूँफिरलगताहै
येभीकोईमिसराहै
दु'आहैशे'रबनेवरना
मिसराकाफ़ीतन्हाहै
पेड़कागिरनातयहोजब
पहलेपंछीउड़ताहै
यारअगररहबरतूहो
बंदाभटकाअच्छाहै
डूबोतोमालूमपड़े
कितनागहराक़तराहै
खिड़कीबंदहैमुद्दतसे
पर्दाकैसेहिलताहै
शे'रकहेंगेहमजानाँ
तुमसमझोजोसमझनाहै
फ़ानीकौनवोपगलाजो
ग़ज़लेंवज़लेंकहताहै
  - Ananth Faani
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