maana ki shakl se main zaraa sa mateen hooñ | माना कि शक्ल से मैं ज़रा सा मतीन हूँ

  - Ananth Faani
मानाकिशक्लसेमैंज़रासामतीनहूँ
लेकिनहॅंसीमज़ाक़मेंमैंबेहतरीनहूँ
कुछवक़्तमुझपेकामहुआफिरमैंकटगया
जोफ़िल्मतकपहुँचसकामैंवोसीनहूँ
मैंआदमीकीज़ातगुमाँक्यूँहोमुझे
क्योंकरभरमहोकिबसइकमैंज़हीनहूँ
ख़ुदतकउरूज़भीमेराख़ुदतकज़वालभी
यानीहूँमैंहीआसमाँमैंहीज़मीनहूँ
दिलएकअक़्लदोवोजोइनकोसुनेवोतीन
मैंएकशख़्सहूँहीकहाँमैंतोतीनहूँ
तौहीनइतनीभीकरउनकीपसंदकी
फ़ानीक़ुबूलकरलेकिमैंभीहसीनहूँ
  - Ananth Faani
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