aaKHir barhana karke mujhe chhodkar gaya | आख़िर बरहना करके मुझे छोड़कर गया

  - Ananth Faani
आख़िरबरहनाकरकेमुझेछोड़करगया
पूरालिबासवक़्तकाचूहाकतरगया
येखेलइश्क़काहैजिगरचाहिएयहाँ
धरतीकीप्यासदेखकेबादलतोडरगया
उम्मीदएकज़ख़्मसेहमकोबहुतथीऔर
वोज़ख़्मशे'रबननेसेपहलेहीभरगया
ख़ुदतककारास्ताहीथाकुछऐसापुर-कशिश
निकलाजोइसपेमैंतोकभीफिरघरगया
मुझसेेमेरीजुड़तथीअसीरीमेरी'अनन्त'
आज़ादजोहुआतोमैंकाफ़ीबिखरगया
  - Ananth Faani
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