वक़्त को हाथ से फिसलता देख

  - ABhishek Parashar
वक़्तकोहाथसेफिसलतादेख
भीड़मेंआदमीकोतन्हादेख
चाँदभीदेखऔरसितारादेख
फिरबदलताहुआज़मानादेख
ज़िंदगीकानयातमाशादेख
रोज़होताहुआख़सारादेख
यूँँमुझेदेखनेसेक्याहोगा
कैसेदौलतकोहैकमानादेख
ख़ूब-सूरतसीइननिगाहोंसे
येसबादेखऔरसबेरादेख
रोज़कीबातहैयेरंज-ओ-ग़म
फिरभीमुझकोतूमुस्कुरातादेख
मैंउसेरोज़माँगलेताहूँ
एकटूटाहुआसितारादेख
  - ABhishek Parashar
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