mohabbat ke alaava duniya men kya kuchh nahin hota | मोहब्बत के अलावा दुनिया में क्या कुछ नहीं होता

  - ABhishek Parashar
मोहब्बतकेअलावादुनियामेंक्याकुछनहींहोता
मगरमुझसेमोहब्बतकेअलावाकुछनहींहोता
मुझेकहतीहैउसकोरूहवालाप्यारकरनाहै
उसेअबकौनसमझाएकिऐसाकुछनहींहोता
कभीमिलभीलियाकररातकेगहरेअँधेरोंमें
तेरीतस्वीरसेजानजाँमेराकुछनहींहोता
बताक्यूँमिलतीहैआकरमुझेतूबंदकमरेमें
तुझेजबसाथमेरेकरनावरनाकुछनहींहोता
मोहब्बतकरनेसेडरतेरहेहमउम्रभरऔरफिर
हुआमालूमइस
मेंडरनेजैसाकुछनहींहोता
  - ABhishek Parashar
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