koii apni khushi aur zindagi men leen rehta hai | कोई अपनी ख़ुशी और ज़िंदगी में लीन रहता है

  - ABhishek Parashar
कोईअपनीख़ुशीऔरज़िंदगीमेंलीनरहताहै
कोईअपनीउदासीखा़मुशीमेंलीनरहताहै
सभीकोचाहिएरौशनज़हाँऔररौशनीअपनी
मगरइकशख़्सहैजोतीरगीमेंलीनरहताहै
वोतन्हाईमेंअक्सरशे'रकहताऔरग़ज़ललिखता
बहुततन्हाहैवोसोशा'इरीमेंलीनरहताहै
उसेभीकररखाहैघरकीज़िम्मेदारियोंनेतंग
वोशायदइसलिएअबनौकरीमेंलीनरहताहै
किसीकोदिललगानेसेनहींमिलतीहैफ़ुर्सतऔर
कोईकोईतोकेवलदिल-लगीमेंलीनरहताहै
उसेक्याइल्मउसकोकैसेऔरक्यूँशहरभेजाहै
पढ़ाईछोड़वोतोआशिक़ीमेंलीनरहताहै
उसेक्याफ़र्कपड़ताहोगाइसज़ालिमज़मानेसे
वोतोअपनीअनाऔरबे-दिलीमेंलीनरहताहै
  - ABhishek Parashar
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