ख़बरझूठीथीऔरअख़बारजालीथे
कहानीकेसभीकिरदारजालीथे
सर-ए-बाज़ारनफ़रतबिकरहीथीऔर
मोहब्बतसेभरेबाज़ारजालीथे
मैंकैसेदुश्मनोंकासामनाकरता
दिएजोदोस्तनेऔज़ारजालीथे
यक़ींहोतानहींइसबातपरलेकिन
यक़ींकरदोस्तमेरेयारजालीथे
मैंअबजोकहताहूँसचकहताहूँयारो
मिरेपहलेकेसबअश'आरजालीथे
सभीमरकरसमझजाएँगेइकदिनये
मोहब्बतदोस्तीघर-बारजालीथे