titliyon kii dekh kar ke be-hisi | तितलियों की देख कर के बे-हिसी

  - Abhishek Baba
तितलियोंकीदेखकरकेबे-हिसी
छोड़दीफूलोंनेअपनीताज़गी
फूलभीमुरझारहेहैंबीचमें
डायरीमेंशा'इरीहैज़ातकी
अबपूछोमैंकहाँहूँआजकल
किसतरहसेहोरहीहैशा'इरी
इश्क़केपौधेलगानेहैंमुझे
हैबचानीआशिक़ीऔरसाँसभी
सोचताहूँबातकरलूँआपसे
आपकीकैसीहैअबनाराज़गी
रातमेरीपहलेसेहैपुर-ख़तर
उसपेफिरनाज़िलहैंयादेंआपकी
  - Abhishek Baba
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