KHvaabon ko aankhoñ se minha karti hai | ख़्वाबों को आँखों से मिन्हा करती है

  - Tehzeeb Hafi
ख़्वाबोंकोआँखोंसेमिन्हाकरतीहै
नींदहमेशामुझसेेधोखाकरतीहै
उसलड़कीसेबसअबइतनारिश्ताहै
मिलजाएतोबातवगैराकरतीहै
आवाजोंकाहब्सअगरबढ़जाताहै
ख़ामोशीमुझमेंदरवाज़ाकरतीहै
बारिशमेरेरबकीऐसीनियमतहै
रोनेमेंआसानीपैदाकरतीहै
सचपूछोतोहाफ़ीयेतन्हाईभी
जीनेकासामानमुहय्याकरतीहै
  - Tehzeeb Hafi
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