kab paani girne se KHushboo footi hai | कब पानी गिरने से ख़ुशबू फूटी है

  - Tehzeeb Hafi
कबपानीगिरनेसेख़ुशबूफूटीहै
मिट्टीकोभीइल्महैबारिशझूठीहै
एकरिश्तेकोलापरवाहीलेडूबी
एकरस्सीढीलीपड़नेपरटूटीहै
हाथमिलानेपरभीउसपेखुलानहीं
येउँगलीपरज़ख़्महैयाअँगूठीहै
उसकाहँसनाना-मुमकिनथायूँँसमझो
सी
मेंटकीदीवारसेकोपलफूटीहै
हमनेइनपरशे'रनहींलिक्खेहाफ़ी
हमनेइनपेड़ोंकीइज़्ज़तलूटीहै
यूँँलगताहैदीन-ओ-दुनियाछूटगए
मुझसेतेरेशहरकीबसक्याछूटीहै
  - Tehzeeb Hafi
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