banjar meri aankhoñ ki aas ho tum | बंजर मेरी आँखों की आस हो तुम

  - Tausif Raza
बंजरमेरीआँखोंकीआसहोतुम
मेरेलब-ए-ख़ुश्ककीप्यासहोतुम
बद-कारज़ख़्मोंकोछुपाऊंँकैसे
मंज़रमेरेऐबलिबासहोतुम
पहचानलेतेहोमेरीख़मोशी
ज़ालिमजहाँँदर्द-शनासहोतुम
कड़वीहैहरघूंँटमगरहैपीना
इसदहरमेंएकमिठासहोतुम
तुमतोड़मतदेनाभरमयेमेरा
मेराभरमहैमेरेपासहोतुम
  - Tausif Raza
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