tishnagi ko raah-e-darya jis qadar maaloom haius qadar hamko tumhaari raahguzaar maaloom hai | तिश्नगी को राह-ए-दरिया जिस क़दर मालूम है

  - Tarun Shrotriya
तिश्नगीकोराह-ए-दरियाजिसक़दरमालूमहै
उसक़दरहमकोतुम्हारीरहगुज़रमालूमहै
सबकीचालेंतयशुदाहैज़िन्दगीकेखेलमें
हमपियादोंकोभटकनादर-ब-दरमालूमहै
गफ़लतोंमेंजीरहेहैंजिनकोहैमालूमकुछ
औरज़हानतजानतीहैबससिफ़रमालूमहै
ताजपोशीहोभीसकतीहैसिपाहीकीकभी
येसियासतहैइसेताक़तकेसरमालूमहै
वक़्तआनेपरलहूभीमाँगतीहैसर
ज़मीं
अम्नकेबाशिन्दहैंलेकिनग़दरमालूमहै
उम्रभरकीदश्तमेंयेढूँढतीहैमौतको
मौतकोइसज़िंदगीकेसारेघरमालूमहै
  - Tarun Shrotriya
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