hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Tarique Jamal
ye khasaara koi nahin samjhe
ye khasaara koi nahin samjhe | ये ख़सारा कोई नहीं समझे
- Tarique Jamal
ये
ख़सारा
कोई
नहीं
समझे
दुख
हमारा
कोई
नहीं
समझे
सिर्फ़
मैं
ही
तुम्हें
समझता
हूँ
ये
ख़ुदारा
कोई
नहीं
समझे
जिस
इशारे
में
तुम
समझती
हो
वो
इशारा
कोई
नहीं
समझे
जिसका
कोई
नहीं
ख़ुदा
उसका
बेसहारा
कोई
नहीं
समझे
सिर्फ़
इस
डर
से
मैं
नहीं
मिलता
बस
तुम्हारा
कोई
नहीं
समझे
सब
को
अपनी
पड़ी
हुई
है
यहाँ
हक़
हमारा
कोई
नहीं
समझे
देख
फिर
बात
करनी
पड़ती
है
जब
इशारा
कोई
नहीं
समझे
है
उदासी
मेरी
शरीक-ए-हयात
ग़म
का
मारा
कोई
नहीं
समझे
- Tarique Jamal
Download Ghazal Image
वक़्त
की
गर्दिशों
का
ग़म
न
करो
हौसले
मुश्किलों
में
पलते
हैं
Mahfuzur Rahman Adil
Send
Download Image
17 Likes
जीना
मुश्किल
है
के
आसान,
ज़रा
देख
तो
लो
लोग
लगते
हैं
परेशान,
ज़रा
देख
तो
लो
इन
चराग़ों
के
तले
ऐसे
अँधेरे
क्यूँँ
हैं?
तुम
भी
रह
जाओगे
हैरान,
ज़रा
देख
तो
लो
Read Full
Javed Akhtar
Send
Download Image
36 Likes
बहुत
से
ग़म
समेट
कर
बनाई
एक
डायरी
चुवाव
देख
रात
भर
बनाई
एक
डायरी
ये
हर्फ़
हर्फ़
लफ़्ज़
लफ़्ज़
क़ब्र
है
वरक़
वरक़
दिल-ए-हज़ीं
से
इस
क़दर
बनाई
एक
डायरी
Read Full
Aves Sayyad
Send
Download Image
3 Likes
अपनी
तबाहियों
का
मुझे
कोई
ग़म
नहीं
तुम
ने
किसी
के
साथ
मोहब्बत
निभा
तो
दी
Sahir Ludhianvi
Send
Download Image
38 Likes
अब
क्या
बताऊँ
मैं
तिरे
मिलने
से
क्या
मिला
इरफ़ान-ए-ग़म
हुआ
मुझे
अपना
पता
मिला
Seemab Akbarabadi
Send
Download Image
35 Likes
मैं
ज़िन्दगी
में
आज
पहली
बार
घर
नहीं
गया
मगर
तमाम
रात
दिल
से
माँ
का
डर
नहीं
गया
बस
एक
दुख
जो
मेरे
दिल
से
उम्र
भर
न
जाएगा
उसको
किसी
के
साथ
देख
कर
मैं
मर
नहीं
गया
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
171 Likes
अब
कारगह-ए-दहर
में
लगता
है
बहुत
दिल
ऐ
दोस्त
कहीं
ये
भी
तिरा
ग़म
तो
नहीं
है
Majrooh Sultanpuri
Send
Download Image
10 Likes
इस
कदर
मत
उदास
हो
जैसे
ये
मोहब्बत
का
आख़िरी
दिन
है
Idris Babar
Send
Download Image
53 Likes
तू
भी
कब
मेरे
मुताबिक
मुझे
दुख
दे
पाया
किस
ने
भरना
था
ये
पैमाना
अगर
ख़ाली
था
एक
दुख
ये
कि
तू
मिलने
नहीं
आया
मुझ
सेे
एक
दुख
ये
है
उस
दिन
मेरा
घर
ख़ाली
था
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
162 Likes
बारे
दुनिया
में
रहो
ग़म-ज़दा
या
शाद
रहो
ऐसा
कुछ
कर
के
चलो
याँ
कि
बहुत
याद
रहो
Meer Taqi Meer
Send
Download Image
23 Likes
Read More
रोज़
किरदार
दे
रही
है
नए
ज़िंदगी
क्या
तू
कोई
नाटक
है
Tarique Jamal
Send
Download Image
1 Like
एक
दिन
जब
यक़ीन
होगा
नहीं
सच
मशीनों
से
पूछा
जाएगा
Tarique Jamal
Send
Download Image
1 Like
अपने
पुरखों
की
रीत
से
मिलिए
जब
कभी
मिलिए
प्रीत
से
मिलिए
हाल
पे
मेरी
तंज़
करते
हुए
आप
अपने
अतीत
से
मिलिए
हार
जाने
पे
आप
रो
देंगे
आइए
आप
जीत
से
मिलिए
वस्ल
कितना
ज़रूरी
है
तारिक
इश्क़
करिए
तो
मीत
से
मिलिए
Read Full
Tarique Jamal
Download Image
1 Like
मुझको
महसूस
करना
होता
है
आप
जो
देख
कर
समझते
हैं
Tarique Jamal
Send
Download Image
2 Likes
रूह
का
जिस्म
से
जुदा
होना
आपकी
हम
कमी
समझते
हैं
Tarique Jamal
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Shadi Shayari
Alone Shayari
Sharaab Shayari
Sardi Shayari
Aasra Shayari