दुआएँ मिन्नतें रौशन दिया क़ुबूल करे

  - Tajammul Kazmi
दुआएँमिन्नतेंरौशनदियाक़ुबूलकरे
वोआएऔरमेरेअश्क़-ए-वफ़ाक़ुबूलकरे
अरीज़ेडालदोदरियामेंऔरनेकीभी
ख़बरनहींहैवोकिसवक़्तक्याक़ुबूलकरे
बुरालगेगाहमेंगरहमारेहाथसेफूल
तेरेअलावाकोईदूसराक़ुबूलकरे
वोआइनेसेअगरमुतमइननहींहैतोफिर
हमारीआँखेंबतौरआइनाक़ुबूलकरे
मैंज़िंदगीमेंफ़क़ततुझकोदेखपायाहूँ
ख़ुदा-ए-ख़्वाबमेरादेखनाक़ुबूलकरे
  - Tajammul Kazmi
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