gul ko boo bulbul ko naghma chahiye | गुल को बू बुलबुल को नग़्मा चाहिए

  - Taj Payami
गुलकोबूबुलबुलकोनग़्माचाहिए
दिल-ए-मुज़्तरतुझेक्याचाहिए
नीम-शबमेंहोतुलू-ए-आफ़्ताब
ग़म-ए-दिलऐसानग़्माचाहिए
येसितारेक़तरा-ए-शबनमबनें
सोज़-ए-दिलपुर-दर्दनालाचाहिए
तूबहुतअच्छाहैलेकिननिगार
दिलकोकुछतुझसेभीअच्छाचाहिए
मेरीहस्तीकोइनायतकीनज़र
ख़िरमन-ए-दहक़ाँकोशो'लाचाहिए
रम्ज़-ए-उल्फ़तहैयहीअहल-ए-वफ़ा
आइनादिलकाशिकस्ताचाहिए
गेसू-ए-जानाँअगरसुलझातोक्या
गेसू-ए-गेतीसँवरनाचाहिए
ज़िंदगी-ए-ख़िज़्रकीहाजतनहीं
सर
ख़ुशीकाएकलम्हाचाहिए
दिलकीख़्वाहिशहाजत-ए-दरवेशहै
तेरेदरसेकुछतोमिलनाचाहिए
मैंनसीम-ए-सुब्हहूँमुझेसेहिजाब
उरूस-ए-लालाऐसाचाहिए
'ताज'हैबंदातिराहुस्न-ए-अज़ल
क्याभलाइससेभीपर्दाचाहिए
  - Taj Payami
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