बताऐअब्रमुसावातक्यूँँनहींकरता
हमारेगाँवमेंबरसातक्यूँँनहींकरता
महाज़-ए-इश्क़सेकबकौनबचकेनिकलाहै
तूबचगयाहैतोख़ैरातक्यूँँनहींकरता
वोजिसकीछाँवमेंपच्चीससालगुज़रेहैं
वोपेड़मुझसेकोईबातक्यूँँनहींकरता
मैंजिसकेसाथकईदिनगुज़ारआयाहूँ
वोमेरेसाथबसररातक्यूँँनहींकरता
मुझेतूजानसेबढ़करअज़ीज़होगयाहै
तोमेरेसाथकोईहाथक्यूँँनहींकरता