दरमांदगोंकीआँखसेआँसूजोढलगए
चश्मेंकिसीकेलुत्फ़-ओ-करमकेउबलगए
डालीजोउसनेएकउचटतीहुईनज़र
ख़स्ता-दिलान-ए-राह-ए-मोहब्बतबहलगए
हमऔरबारगाह-ए-रिसालत-पनाहमें
मारेख़ुशीकेआँखसेआँसूनिकलगए
पहुँचेजोहमदयार-ए-मदीनामेंसरकेबल
सबअपनेअगलेपिछलेतसव्वुरबदलगए
फिरहमथेऔररौज़ा-ए-अक़्दसकीजालियाँ
अरमानक्याबताऊँकिक्याक्यामचलगए
क़ुर्ब-ए-हुज़ूरधोनेलगादिलकेसबउयूब
बातिलतसव्वुरातथेजितनेपिघलगए
नाज़ाँहै'तहनियत'करम-ए-किर्दगारपर
बहकेजोथेनसीबवोआख़िरसँभलगए