KHvaab daste rahe bikharte rahe | ख़्वाब डसते रहे बिखरते रहे

  - Tahira Jabeen Tara
ख़्वाबडसतेरहेबिखरतेरहे
कर्बकेलम्हेयूँँगुज़रतेरहे
खोगएयारहम-सफ़रबिछड़े
दिलमेंदुखहिज्रकेउतरतेरहे
हैयहीएकज़ीस्तकादरमाँ
अश्कआँखोंकेदिलमेंगिरतेरहे
छागईंज़ुल्मतेंज़मानेमें
लाशेहरसम्तहीबिखरतेरहे
लाखहमतुझकोभूलनाचाहें
नक़्शमिटमिटकेफिरउभरतेरहे
दर्दकीचोटदिलपेपड़तीरही
हरघड़ीज़ख़्म-ए-दिलनिखरतेरहे
  - Tahira Jabeen Tara
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