haathon men kashkol sawaali dhoop-nagar ke baasi | हाथों में कश्कोल सवाली धूप-नगर के बासी

  - Tahir Hanfi
हाथोंमेंकश्कोलसवालीधूप-नगरकेबासी
सहलेतेहैंसबकीगालीधूप-नगरकेबासी
गलियोंमेंजोभटकरहेहैंइकरोटीकीख़ातिर
तोड़ेंगेवोभूककीडालीधूप-नगरकेबासी
जिनकेपासनहींहैंकपड़ेतनकोढाँपनेख़ातिर
रातेंओढ़तेहैंवोकालीधूप-नगरकेबासी
अपनेख़्वाबोंकीताबीरोंकोवोपालेतेहैं
तेरेदरकीचूमकेजालीधूप-नगरकेबासी
अपनीधुनमेंमस्तहोरहतेअपनेगीतहोगातेइश्क़मेंकैसीराहनिकालीधूप-नगरकेबासी
'ताहिर'वोपोशीदारक्खेंयाफिरज़ाहिरकरदें
हालतहैजोदेखनेवालीधूप-नगरकेबासी
  - Tahir Hanfi
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