koi awaaz thii jis ke talaatum men | कोई आवाज़ थी जिस के तलातुम में

  - Tabassum Fatma
कोईआवाज़थीजिसकेतलातुममें
यूँँबहजानाकहाँमंज़ूरमुझकोथा
कहींवहशतकेअन-देखेभँवरकेसातपर्देथे
जोज़िंदानोंमेंखुलतेथे
हरएकज़िंदाँमेंमैंथी
औरमिरीसरशारतबीअतकेहरएकलम्हेकीसाँसोंमें
कहींमेरीअनाथीमेरीताक़तथीमोहब्बतथी
मैंकबऐसीकिसीआवाज़कीज़दमें
मोहब्बतढूँढतीतहलीलहोती
औरआवारासीकुछमौजोंमेंमिलकरख़ुदकोखोदेती
मोहब्बतजिस्महैमाना
मगरसरशाररूहोंकीअलगभीएकबस्तीहै
ख़यालोंसेपरेभीइकनगरहै
जिसमेंहमतुमज़िंदगीकीफ़ाक़ा-मस्तीऔरउदासीऔरख़ामोशीकेजंगलसेगुज़रतेहैं
जहाँवीरानियोंकीसल्तनतमें
दीदा-ओ-नादीदाख़्वाबबनतेऔरउजड़तेहैं
कहींहमरास्तेकेसंग-पारोंसेउलझकर
एकलम्हेमेंहज़ारोंबारजीतेऔरमरतेहैं
मोहब्बतजिस्मकेछोटेसेहुजरेके
किसीगोशेमेंरहतीहै
यहाँरौज़ननहींकोई
कहींसेरौशनीकीइककिरनअंदरनहींआती
बहुतगहराअँधेराहै
तसव्वुरऔरख़यालोंकीगुज़रगाहोंपेपहराहै
मोहब्बतएकलाहासिलसफ़रकासातवाँपर्दाहै
जिसमेंइकसमुंदरउसकीतुग़्यानीख़मोशीकाबसेराहै
समुंदरशांतहोताहैतोपिस्तानोंसेलहरेंयूँँलिपटतीहैं
किजैसेघनगरजकेबा'दसरशारीकालम्हाहो
उसीलम्हेमेंवक़्फ़ेमें
मोहब्बतबे-कराँहोतीहैजीतीहै
मोहब्बतगुनगुनातीऔरबिखरतीहै
मोहब्बतजावेदाँहोतीमहकतीहै
  - Tabassum Fatma
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