kisi bhi dar ki sawaali nahin rahi hogii | किसी भी दर की सवाली नहीं रही होगी

  - Tabassum Anwar
किसीभीदरकीसवालीनहींरहीहोगी
झुकीजोइश्क़केदरपरजबींरहीहोगी
वगर्नातर्क-ए-वफ़ासहलइसक़दरथाकहाँ
कमीमुझीमेंयक़ीननकहींरहीहोगी
जोगोर-ए-अक़्लमेंकीदफ़्नआरज़ूतुमने
तुम्हारेदिलमेंकभीजागुज़ीँरहीहोगी
वोजिनकेसरसेउठाआसमानकासाया
कबउनकेपाँवकेनीचेज़मींरहीहोगी
अभीतोगिर्या-कुनाँहैंखंडरकीदीवारें
गएदिनोंमेंहवेलीहसींरहीहोगी
तिरेजहाँसेनिकलकरभीहमकहाँनिकले
हमारीयादतिरीहम-नशींरहीहोगी
तभीतोउसने'तबस्सुम'कीबंदगीकीहै
रग-ए-गुलूसेभीबढ़करक़रींरहीहोगी
  - Tabassum Anwar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy