लकीर-ए-ज़िन्दगीकारंगहाथोंमेंहिनाईहै
हाँशायदइसलिएयेमौततुझकोछूनपाईहै
निग़ाह-ए-शौकथीतुझपरब-मुश्किलसेहटाईहै
मुख़ालिफ़सम्तपरचलनेकीअबहिम्मतजुटाईहै
तिजोरीमेंमोहब्बतकीलगाकरतालाचुप्पीका
मुकफ़्फ़लकरलियादिलमेंतुझेचाबीछुपाईहै
ख़ुदायाखेलयेतेरासमझपायानहींकोई
मोहब्बतमेंशब-ए-हिज्राहीक्यूँँलंबीबनाईहै
हटादीतूनेजबनज़रें,नज़रसदहाउठीमुझपर
उठीनज़रोंकेआगेमैंनेफिरनज़रेंझुकाईहै
गुलाबोंकीमहक़आतीहैअबभीइनकिताबोंसे
पढ़ाईतूमेरी,डिग्रीभीतू,तूहीकमाईहै