khwahishon ka qatl kar KHud hi lagaani aag hai | ख़्वाहिशों का क़त्ल कर ख़ुद ही लगानी आग है

  - Dr Bhagyashree Joshi
ख़्वाहिशोंकाक़त्लकरख़ुदहीलगानीआगहै
ख़ाकहोतेख़्वाबकीसारीकहानीआगहै
जिस्मकीचादरमेंछुपतीहरजवानीआगहै
नामदेकरइश्क़कासबकोबुझानीआगहै
एकदिलपत्थरतुम्हाराएकदिलपत्थरमिरा
दोनोंदिलटकरागएतोसिर्फ़आनीआगहै
झूटहैंरिश्तेयेनातेसचहैकेवलमौतही
आख़िरीसाथीसभीकाख़ाकपानीआगहै
  - Dr Bhagyashree Joshi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy