jod kar phir ghatta kar udaasi | जोड़ कर फिर घटा कर उदासी

  - Swarnim Aditya
जोड़करफिरघटाकरउदासी
बचगईमुझ
मेंयकसरउदासी
अपनीतफ़्सीलकरदूँज़रामैं
जीतोफिरपहलानंबरउदासी
हालअक्सरवोजबपूछतीहै
हँसनेलगताहूँकहकरउदासी
इश्क़कीआड़मेंलगताहैफिर
साथलाईहैपैकरउदासी
क्यूँँगणितकेपहाड़ोंकेजैसे
यादहैमुझकोअज़बरउदासी
मैंबहुतख़ुशथाइकरोज़औरफिर
आईकबसजसँवरकरउदासी
यूँँगलामतदबासादगीसे
मारसीनेमेंख़ंजरउदासी
इकशजरसेख़िज़ाँकेदिनोंमें
गिररहीहैभयंकरउदासी
सालमेंकुछमहीनेमुसलसल
जनवरीसेदिसंबरउदासी
  - Swarnim Aditya
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy