kahii kho na jaana zaraa door chal ke | कहीं खो न जाना ज़रा दूर चल के

  - Swapnil Tiwari
कहींखोजानाज़रादूरचलके
मुसाफ़िरतिरीताकमेंहैंधुँदलके
मिरानींदसेआजझगड़ाहुआहै
सोलेतेहैंदोनोंहीकरवटबदलके
इसीडरसेचलताहैसाहिलकिनारे
कहींगिरजाएनदीमेंफिसलके
अजबबोझपलकोंपेदिनभररहाहै
अगरचेतिरेख़्वाबथेहल्केहल्के
जतातेरहेहमसफ़रमेंहैंलेकिन
भटकतेरहेअपनेघरसेनिकलके
अँधेरेमेंमुबहमहुआहरनज़ारा
मिलीएकदूजेमेंहरशयपिघलके
ज़मानेसेसारेशररचुनले'आतिश'
यहीतोअनासिरहैंतेरीग़ज़लके
  - Swapnil Tiwari
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