jalunga to sahi par khoob nazzara banaaunga | जलूँगा तो सही पर ख़ूब नज़्ज़ारा बनाऊँगा

  - Satya Prakash Soni
जलूँगातोसहीपरख़ूबनज़्ज़ाराबनाऊँगा
मुझेदेखोमैंअपनीराखसे‌क्याक्याबनाऊँगा
मिरामोहसिनकिसीदिनजबमिरेपहलूमेंआएगा
समेटूँगा‌अँधेरी‌रातकोजूड़ाबनाऊँगा
किसीनुक़्तेमिलानेसेबनीतस्वीरकीतरहा
सितारेजोड़अंबर‌मेंतेराख़ाकाबनाऊँगा
नईदुनियाबनाऊँगामगरमैंअपनीदुनियाका
ख़ुदाभीइश्क़मेंखोयाहुआलड़काबनाऊँगा
  - Satya Prakash Soni
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